कौन मार रहा है भारत के दुश्मनों को ?? पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड आतंकवादी ढेर.

 

कौन मार रहा है भारत के दुश्मनों को? एक-एक कर खत्म हो रहे भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पाकिस्तान में एक-एक कर खत्म हो रहे मोस्ट वॉन्टेड आतंकी





पुलवामा आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड हमजा बुरहान, जिसे "डॉक्टर" के नाम से भी जाना जाता था, की 21 मई 2026 को अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जाता है कि उस समय वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद में एक निजी कॉलेज के प्रिंसिपल के रूप में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। कॉलेज से बाहर निकलते समय हमलावरों ने उस पर गोलियां चला दीं, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।


पिछले कुछ वर्षों में भारत के खिलाफ आतंकी साजिशों में किसी न किसी रूप में शामिल रहे कई आतंकवादी एक-एक करके रहस्यमय परिस्थितियों में मारे गए हैं। इन घटनाओं में अक्सर एक समान पैटर्न देखने को मिलता है, जिसमें अज्ञात बंदूकधारी हमलावर आते हैं, लक्ष्य पर हमला करते हैं और फरार हो जाते हैं। अधिकांश मामलों में हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है और उन्हें बाद में गिरफ्तार भी नहीं किया जा सका।






हमजा बुरहान भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादियों में शामिल था और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं। उसका जन्म जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुआ था। बाद में वह एक आतंकवादी संगठन से जुड़ गया और पाकिस्तान चला गया। वहां से वह भारत के खिलाफ आतंकी साजिशों की योजना बनाने और उन्हें संचालित करने में सक्रिय बताया जाता था।



पुलवामा हमला-


14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में भारत पर सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक हुआ था। उस दिन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का एक बड़ा काफिला गुजर रहा था, जिसमें 78 वाहनों में 2,500 से अधिक जवान यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी कार को जवानों की बस से टकरा दिया।






इस भीषण विस्फोट में CRPF के 40 से अधिक जवान शहीद हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। जांच एजेंसियों ने बाद में दावा किया कि इस हमले की साजिश रचने वालों में हमजा बुरहान की भी महत्वपूर्ण भूमिका थी, जो उस समय पाकिस्तान में छिपा हुआ था। हालांकि उस समय वह बच निकला।

पुलवामा हमला भारत के इतिहास के सबसे भीषण आतंकी हमलों में गिना जाता है। इस हमले की भारत सहित पूरी दुनिया में कड़ी निंदा हुई थी.



भारत की जवाबी कार्रवाई- 







इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 26 फ़रवरी 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमला किया और जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को नष्ट कर दिया। वर्ष 1971 के बाद यह पहला मौका था जब भारत ने पाकिस्तान की सीमा के भीतर जाकर एयर स्ट्राइक की थी। भारत ने इसे पाकिस्तान पर हमला नहीं, बल्कि आतंकवादी ढांचे के खिलाफ एक "गैर-सैन्य और संभावित खतरे को पहले ही रोकने के उद्देश्य से की गई कार्रवाई" करार दिया।





भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी एक-एक करके मारे जा रहे हैं।




पिछले कुछ वर्षों में भारत के खिलाफ आतंकी साजिशों में किसी न किसी रूप में शामिल रहे कई आतंकवादी एक-एक करके रहस्यमय परिस्थितियों में मारे गए हैं। इन घटनाओं में अक्सर एक समान पैटर्न देखने को मिलता है, जिसमें अज्ञात बंदूकधारी हमलावर आते हैं, लक्ष्य पर हमला करते हैं और फरार हो जाते हैं। अधिकांश मामलों में हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है और उन्हें बाद में गिरफ्तार भी नहीं किया जा सका।




पाकिस्तान हर बार ऐसी घटनाओं के लिए भारतीय एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराता रहा है। हालांकि भारत ने इन आरोपों को लगातार खारिज किया है और इन घटनाओं में किसी भी प्रकार की अपनी संलिप्तता से साफ इनकार किया है। भारत सरकार ने न तो इन घटनाओं में किसी भूमिका को स्वीकार किया है और न ही अधिकांश मामलों में इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया है।







The Guardian, The Washington Post, Al Jazeera, BBC और Bloomberg सहित कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने ऐसी रिपोर्टें प्रकाशित की हैं जिनमें यह दावा किया गया कि भारत की खुफिया एजेंसी Research and Analysis Wing (RAW) का पाकिस्तान में कुछ हत्याओं या ऑपरेशनों से संबंध हो सकता है।



साथ ही The Guardian ने 4 अप्रैल 2024 को एक बड़ी खोजी रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें दावा किया गया था कि भारत की विदेशी खुफिया एजेंसी Research and Analysis Wing (RAW) पाकिस्तान में चुनिंदा हत्याओं में शामिल रही है।

                




रिपोर्ट के अनुसार, 2020 के बाद से पाकिस्तान की जमीन पर करीब 20 लोगों की हत्या भारत की एक आक्रामक राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के तहत करवाई गई। इसमें कहा गया कि ये ऑपरेशन कथित तौर पर उन लोगों को निशाना बनाने के लिए थे जिन्हें भारत आतंकवाद से जुड़ा मानता था।

हालांकि भारत सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। भारत के विदेश मंत्रालय ने इसे “झूठा और भारत विरोधी प्रचार” बताया।



लेकिन फिर भी भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादियों का एक-एक करके मारा जाना कोई इत्तेफाक नहीं हो सकता


आइए देखते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में किन-किन आतंकवादियों की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हुई है।  जो किसी न किसी रूप में भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में शामिल थे





1 शाहिद लतीफ - जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा, पठानकोट हमले हमले की साजिश मैं शामिल . अक्टूबर 2023 में सियालकोट में गोली मारकर हत्या।

2 दाऊद मलिक  - लश्कर-ए-जब्बार संस्थापक, मसूद अज़हर का करीबी अक्टूबर 2023 उत्तर वज़ीरिस्तान में अज्ञात हमलावरों ने हत्या की।

3 मौलाना रहीम उल्लाह तारिक -  जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा प्रचारक नवंबर 2023 कराची में गोली मारकर हत्या।

4 अदनान अहमद उर्फ हंजला -  भारत में वह 2015 उधमपुर हमले से जुड़ा था। दिसंबर 2023 में कराची में अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या।

5 हाजी उमर गुल  - लश्कर-ए-तैयबा का वित्तपोषक (Financier) दिसंबर 2023 में खैबर पख्तूनख्वा में अपने अंगरक्षकों के साथ मारा गया।

6 शेख जमील-उर-रहमान यूनाइटेड जिहाद काउंसिल से जुड़ा मार्च 2024 खैबर पख्तूनख्वा में मृत्यु की खबरें।

7 मुफ्ती फ़ैयाज़  - जैश-ए-मोहम्मद का प्रचारक व भर्तीकर्ता मई 2024 खैबर पख्तूनख्वा में मारा गया।

8 अज़म चीमा  - 26/11 और 2006 मुंबई ट्रेन धमाकों का प्रमुख आरोपी फरवरी 2024 पाकिस्तान में मृत्यु रिपोर्टों के अनुसार हृदयाघात से निधन।

9 अबू कताल (फैसल नदीम/ज़िया-उर-रहमान) -  लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष कमांडर मार्च 2025 झेलम में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या की।

10 सैफुल्लाह खालिद  - भारत में कई आतंकी हमलों का आरोपी मई 2025 सिंध प्रांत में गोली मारकर हत्या।

11 हमजा बुरहान -  पुलवामा हमले के कथित मास्टरमाइंड के रूप में चर्चित 21 मई 2026  को मुज़फ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या .

12 रहीम उल्लाह तारिक - नवंबर 2023 में कराची में हत्या।

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